आधार कार्ड पर सरकार का बड़ा फैसला । Adhar Card New Rule

By Shreya

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Adhar Card New Rule – भारत सरकार द्वारा जारी किया गया आधार कार्ड आज हर नागरिक के लिए एक अनिवार्य पहचान पत्र बन चुका है। चाहे बैंक में खाता खोलना हो, सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो या फिर कोई अन्य आधिकारिक कार्य करना हो, हर जगह आधार की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन अब तक इसे बनवाने या अपडेट करवाने के लिए नागरिकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। केंद्र सरकार ने इस समस्या को समझते हुए एक अभूतपूर्व कदम उठाया है जो आम जनता के लिए वरदान साबित हो रहा है।

डिजिटल क्रांति का नया अध्याय

सरकार की नवीनतम पहल के अंतर्गत डाक विभाग को आधार सेवाओं के विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना के तहत लगभग डेढ़ सौ डाकियों को अत्याधुनिक पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दिए गए हैं। ये उपकरण आकार में छोटे और वजन में हल्के होने के कारण आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाए जा सकते हैं। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब नागरिकों को अपने घर से बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं है।

लंबी कतारों से मुक्ति

पहले के समय में आधार केंद्रों, बैंकिंग संस्थानों या डाकघरों में घंटों लाइन में खड़े रहना एक आम समस्या थी। विशेषकर बुजुर्ग नागरिकों और छोटे बच्चों के माता-पिता के लिए यह अत्यंत कठिन कार्य था। अनेक बार तो पूरा दिन इसी चक्कर में निकल जाता था और फिर भी काम नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था ने इस पूरी प्रक्रिया को उलट दिया है। अब सेवा प्रदाता स्वयं आपके द्वार पर आएंगे न कि आपको उनके पास जाना पड़ेगा।

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हैंड हेल्ड उपकरण की कार्यप्रणाली

यह आधुनिक तकनीकी उपकरण स्मार्टफोन और टैबलेट कंप्यूटर की सहायता से संचालित होता है। इसमें बायोमेट्रिक सेंसर, कैमरा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं जो आधार निर्माण और अपडेशन के लिए जरूरी हैं। डाक कर्मचारी इस उपकरण के माध्यम से फोटोग्राफ लेना, फिंगरप्रिंट स्कैन करना और आंखों की पुतली का स्कैन भी कर सकते हैं। सभी जानकारी तत्काल केंद्रीय सर्वर पर अपलोड हो जाती है जिससे प्रक्रिया तीव्र और सुरक्षित हो गई है।

बाल आधार निर्माण की सुविधा

पांच वर्ष से कम आयु के शिशुओं और बच्चों के लिए आधार कार्ड बनवाना अब बेहद सरल हो गया है। छोटे बच्चों को केंद्र तक ले जाना और वहां उन्हें शांत रखना माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती होती थी। अब डाक कर्मचारी आपके घर पर आकर बच्चे की फोटो खींचेंगे और आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। यह सेवा विशेष रूप से नवजात शिशुओं के माता-पिता के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रही है।

त्रुटि सुधार की सरल प्रक्रिया

कई बार आधार कार्ड में नाम की गलत स्पेलिंग, पते में त्रुटि या अन्य विवरणों में गड़बड़ी हो जाती है। इन्हें सुधारने के लिए पुनः केंद्र जाना और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। नई व्यवस्था में डाकिया आपके घर आकर ही ये सभी संशोधन कर देगा। उन्हें केवल मूल दस्तावेज़ और पहचान प्रमाण दिखाना होगा। संशोधित जानकारी तुरंत सिस्टम में अपडेट हो जाएगी।

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वर्तमान सेवा केंद्र और उनकी क्षमता

फिलहाल जिला स्तर पर अठारह विशेष केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां डाक विभाग के माध्यम से आधार सेवाएं उपलब्ध हैं। मुख्य डाकघर के अतिरिक्त कलेक्ट्रेट परिसर, लाजपत नगर क्षेत्र, फतेहपुर तथा हैदरगढ़ जैसे विभिन्न उप-केंद्रों पर भी यह सुविधा संचालित है। प्रतिदिन इन केंद्रों से औसतन चौबीस से पच्चीस नए आधार कार्ड तैयार किए जा रहे हैं या मौजूदा कार्डों में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान

यह योजना विशेष रूप से गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए क्रांतिकारी साबित हो रही है। ग्रामीण नागरिकों को अब शहर या तहसील तक यात्रा करने की आवश्यकता नहीं है। डाक कर्मचारी स्वयं गांव-गांव का भ्रमण करेंगे और हर घर तक यह सेवा पहुंचाएंगे। यह न केवल समय की बचत करता है बल्कि यात्रा व्यय भी बचाता है। विशेषकर महिलाओं और वृद्ध लोगों को इससे अत्यधिक लाभ मिल रहा है।

बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधा

वरिष्ठ नागरिकों के लिए लंबी दूरी तय करके आधार केंद्र जाना और फिर घंटों प्रतीक्षा करना अत्यंत कष्टदायक होता था। कई बार स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वे जा भी नहीं पाते थे। नई व्यवस्था में डाकिया उनके घर पर ही आकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर देता है। बुजुर्गों को अपने घर के आरामदायक वातावरण में रहते हुए ही अपना आधार बनवाने या अपडेट करवाने का अवसर मिलता है।

पारदर्शिता और जवाबदेही

इस नई पहल से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का स्तर काफी बढ़ गया है। प्रत्येक लेन-देन डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होता है जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहती। नागरिकों को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से हर चरण की सूचना मिलती रहती है। यदि कोई शिकायत हो तो उसे तुरंत दर्ज करवाया जा सकता है। यह व्यवस्था भ्रष्टाचार को रोकने में भी कारगर सिद्ध हो रही है।

समय की महत्वपूर्ण बचत

पहले एक आधार कार्ड बनवाने में कई दिनों का समय लग जाता था। कभी दस्तावेज़ों में कमी होती तो कभी सिस्टम में खराबी आ जाती। नई तकनीक के कारण पूरी प्रक्रिया अब बहुत तेज हो गई है। डाक कर्मचारी मौके पर ही सभी आवश्यक जांच कर लेता है और डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड हो जाता है। आमतौर पर दस से पंद्रह दिनों में आधार कार्ड डाक द्वारा घर पर पहुंच जाता है।

सेवा का लाभ उठाने की विधि

यदि आप इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं तो अपने निकटतम डाकघर से संपर्क करें। वहां के कर्मचारी आपको आपके क्षेत्र में सेवा प्रदान करने वाले डाकिये की जानकारी देंगे। आप उनसे अपॉइंटमेंट ले सकते हैं या फिर डाकिया जब आपके इलाके में आए तब उन्हें रोककर अपना काम करवा सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज़ जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पते का प्रमाण और पहचान पत्र अपने पास तैयार रखें।

सरकार इस पहल को और अधिक विस्तारित करने की योजना बना रही है। आने वाले समय में और भी अधिक डाक कर्मचारियों को इन उपकरणों से लैस किया जाएगा। लक्ष्य है कि हर गांव और हर मोहल्ले तक यह सेवा पहुंचे। साथ ही अन्य सरकारी सेवाओं को भी इसी मॉडल पर घर-घर पहुंचाने की दिशा में काम हो रहा है। यह डिजिटल इंडिया अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डाक विभाग द्वारा शुरू की गई यह पहल वास्तव में सराहनीय है। इससे न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है बल्कि सरकारी सेवाओं में भी नया विश्वास जगा है। घर बैठे आधार कार्ड बनवाने या सुधार करवाने की सुविधा ने लाखों लोगों के जीवन को आसान बना दिया है। यह कदम यह साबित करता है कि यदि तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो सेवाओं को जनता के दरवाजे तक पहुंचाया जा सकता है। आने वाले समय में ऐसी और भी पहलें देखने को मिलेंगी जो भारत को डिजिटली सशक्त बनाएंगी।

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