आज सोना और चांदी के दामों में हुआ तगड़ा गिरावट जाने अपने शहरों का भाव । Gold Silver Taja Bhav

By Shreya

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Gold Silver Taja Bhav – भारतीय बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में हाल ही में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है, जो निवेशकों और खरीदारों के लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आई है। सोना और चांदी जैसी कीमती धातुएं भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रही हैं। इन धातुओं को न केवल आभूषण के रूप में बल्कि एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में भी देखा जाता है। वर्तमान में जो मूल्य गिरावट आई है, वह उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है जो लंबे समय से खरीदारी की योजना बना रहे थे।

महंगाई के इस दौर में जब हर चीज की कीमतें आसमान छू रही हैं, सोने-चांदी में आई यह गिरावट आम जनता के लिए राहत की सांस जैसी है। लोग अपनी मेहनत की कमाई से बचत करना चाहते हैं और ऐसे में कम दाम पर अधिक सोना खरीदने का अवसर मिलना किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषकर जिन परिवारों में शादी-विवाह या अन्य शुभ अवसर आने वाले हैं, उनके लिए यह समय सोने की खरीदारी के लिए आदर्श माना जा रहा है।

विभिन्न कैरेट के सोने की वर्तमान कीमतें

बाजार में सोने की शुद्धता उसके कैरेट से मापी जाती है, और प्रत्येक कैरेट की अपनी अलग कीमत होती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है और इसमें लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्धता होती है। वर्तमान में 24 कैरेट सोने का मूल्य प्रति 10 ग्राम लगभग 1,54,227 रुपये के आसपास है। यह कीमत पिछले कुछ दिनों की तुलना में काफी कम है, जो खरीदारों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

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23 कैरेट सोने की बात करें तो इसकी शुद्धता 24 कैरेट से थोड़ी कम होती है और यह प्रति 10 ग्राम 1,53,609 रुपये में उपलब्ध है। भारत में सबसे अधिक प्रचलित 22 कैरेट सोना है, जिसका उपयोग आभूषण बनाने में सबसे ज्यादा होता है। इसकी वर्तमान कीमत प्रति 10 ग्राम 1,41,272 रुपये है। 22 कैरेट सोने में थोड़ी मात्रा में अन्य धातुओं का मिश्रण होता है, जो इसे मजबूती प्रदान करता है और आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त बनाता है।

18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,670 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 14 कैरेट सोना 90,223 रुपये प्रति 10 ग्राम में मिल रहा है। कम कैरेट का सोना आमतौर पर फैशन ज्वेलरी में उपयोग किया जाता है और यह बजट के अनुकूल विकल्प है। हालांकि, निवेश के दृष्टिकोण से उच्च कैरेट का सोना अधिक बेहतर माना जाता है क्योंकि इसकी शुद्धता अधिक होती है और पुनर्विक्रय मूल्य भी बेहतर रहता है।

चांदी के बाजार में स्थिति और मूल्य निर्धारण

चांदी भी भारतीय बाजार में एक महत्वपूर्ण कीमती धातु है और इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। सोने की तुलना में चांदी अधिक सुलभ है और छोटे निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है। वर्तमान में चांदी के दाम भी अपेक्षाकृत स्थिर हैं और विभिन्न शहरों में इसकी कीमतें लगभग समान रूप से चल रही हैं। प्रति ग्राम चांदी का मूल्य 308 से 340 रुपये के बीच है, जो स्थानीय करों और अन्य शुल्कों के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है।

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10 ग्राम चांदी की कीमत 3,080 से 3,400 रुपये के बीच है, जो छोटे निवेशकों के लिए एक उचित राशि है। बड़े निवेशकों या व्यापारियों के लिए प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत 3,08,000 से 3,40,000 रुपये तक है। चांदी का उपयोग न केवल आभूषण बनाने में होता है बल्कि औद्योगिक उपयोग, बर्तन निर्माण और धार्मिक वस्तुओं में भी इसका व्यापक प्रयोग होता है। इसलिए चांदी की मांग हमेशा बनी रहती है।

चांदी में निवेश करना उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो सोने में निवेश करने में असमर्थ हैं या जो अपने पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करना चाहते हैं। चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव होता रहता है और सही समय पर खरीदारी करने से अच्छा लाभ कमाया जा सकता है। वर्तमान में जो स्थिर कीमतें चल रही हैं, वे खरीदारी के लिए अनुकूल मानी जा रही हैं।

सुरक्षित खरीदारी के लिए आवश्यक सावधानियां

कीमती धातुओं की खरीदारी करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमेशा पंजीकृत और विश्वसनीय ज्वेलर्स से ही सोना-चांदी खरीदें। बाजार में कई ऐसे दुकानदार होते हैं जो मिलावटी सोना बेचकर ग्राहकों को ठगते हैं। इसलिए हॉलमार्क की जांच करना और सरकारी मान्यता प्राप्त दुकानों से ही खरीदारी करना सुरक्षित रहता है।

खरीदारी के समय उचित बिल और रसीद अवश्य प्राप्त करें। बिल में सोने की शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और सभी करों का स्पष्ट विवरण होना चाहिए। यह दस्तावेज भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में उपयोगी साबित हो सकते हैं। साथ ही, यदि आप सोने को बेचना चाहें तो यह प्रमाण आवश्यक होते हैं। हॉलमार्क सर्टिफिकेट की प्रामाणिकता की जांच भी अवश्य करें।

मेकिंग चार्ज और अन्य छिपे हुए शुल्कों के बारे में पहले से ही स्पष्ट जानकारी प्राप्त करें। कई बार दुकानदार कम दाम दिखाकर आकर्षित करते हैं लेकिन मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क मिलाने के बाद कुल कीमत बहुत अधिक हो जाती है। विभिन्न दुकानों की कीमतों की तुलना करें और सबसे उचित सौदा चुनें। जल्दबाजी में कभी भी खरीदारी न करें और सभी शर्तों को ध्यान से समझने के बाद ही अंतिम निर्णय लें।

निवेश के दृष्टिकोण से सोना-चांदी का महत्व

भारतीय परिवारों में सोना-चांदी को केवल आभूषण के रूप में नहीं बल्कि एक विश्वसनीय निवेश विकल्प के रूप में भी देखा जाता है। आर्थिक अनिश्चितता के समय में कीमती धातुएं सुरक्षित निवेश मानी जाती हैं। इनका मूल्य लंबी अवधि में बढ़ता रहता है और मुद्रास्फीति के खिलाफ एक अच्छा बचाव प्रदान करती हैं। परंपरागत रूप से भारतीय परिवार अपनी बचत का एक हिस्सा सोने में निवेश करते आए हैं।

वर्तमान में जो मूल्य गिरावट आई है, वह दीर्घकालिक निवेशकों के लिए प्रवेश का एक अच्छा अवसर है। हालांकि, यह याद रखना चाहिए कि सोने-चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों, डॉलर की दर, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मांग-आपूर्ति के आधार पर बदलते रहते हैं। इसलिए बाजार की गतिविधियों पर नजर रखना और सही समय पर निर्णय लेना महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने-चांदी में निवेश को अपने कुल निवेश पोर्टफोलियो का 10-15 प्रतिशत हिस्सा बनाना चाहिए। इससे अधिक निवेश जोखिमपूर्ण हो सकता है क्योंकि कीमती धातुओं की कीमतें अस्थिर होती हैं। संतुलित निवेश रणनीति अपनाना हमेशा बेहतर होता है।

सोने-चांदी की कीमतों में आई वर्तमान गिरावट खरीदारों और निवेशकों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। चाहे आप शादी-विवाह के लिए आभूषण खरीदना चाहते हों, किसी को उपहार देना चाहते हों या निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करना चाहते हों, यह समय अनुकूल है। हालांकि, खरीदारी करते समय सभी आवश्यक सावधानियां बरतना न भूलें और केवल प्रमाणित दुकानों से ही लेनदेन करें। बाजार की नियमित निगरानी रखें और सूचित निर्णय लें। याद रखें कि सोना-चांदी की खरीदारी एक महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें।

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